Naman to Mizoram Parents

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Sacrifice of Mizoram Parents

मिजोरम के प्रवास में आज खुम्तुङ (Khumtung) गाँव में एक परिवार में गए। स्वागत परिचय हुआ। चाय-पान की तैयारी चल रही थी इतनें में दीवार के फोटो के तरफ मेरा ध्यान आकर्षित हुआ। वह सर्टिफिकेट नुमा कुछ मिजो भाषा में लिखा था। साथ में मिजो एवं हिंदी भाषा के जानकार मित्र रामथङा थे। उन्होंने तुरंत उस सर्टिफिकेट में से काव्यपंक्ति को भाषांतरित किया। उस का अर्थ था: “मेरा जीवन काल समाप्त होकर, जिस भूमि से आया फिर वापस लौटना पडे तो भी मैं समाप्त नहीं हूंगा अनंत काल तक, क्यों कि मैं ईश्वर का आशीष वहन करनेवाला हूँ।“

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